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मध्यप्रदेश के शिक्षित युवाओं के हुनर को निखारने और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान शुरू की गई है एक अनोखी पहल, जिसका नाम है मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना। इस योजना में सरकार युवाओं को उच्च स्तरीय औद्योगिक एवं व्यावसायिक संस्थाओं में प्रशिक्षण देकर उनके कौशल में वृद्धि करने के साथ ₹10,000 तक का स्टाइपेंड भी देगी।
  • मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना (MMSKY) क्या है?

मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना (MMSKY), मध्यप्रदेश शासन की उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण योजना है, जिसके माध्यम से व्यापक स्तर पर औपचारिक शिक्षा प्राप्त युवाओं को पोर्टल पर पंजीकृत प्रतिष्ठानों में छात्र-प्रशिक्षणार्थी के रूप में On-the-Job-Training (OJT) की सुविधा दी जाएगी।

  • पंजीयन किस पोर्टल पर कर सकते है?

पंजीयन योजना के पोर्टल https://mmsky.mp.gov.in/ पर कर सकते है।

  • क्या पोर्टल पर पंजीयन के लिए कोई शुल्क देय होगा?

पोर्टल पर पंजीयन नि:शुल्क है। सीएससी (CSC) अथवा एमपी ऑनलाइन (MP Online) के माध्यम से पंजीयन करने पर मध्यप्रदेश शासन द्वारा निर्धारित सेवा शुल्क देय होगा।

  • शिक्षण की अवधि कितनी निर्धारित है?

सामान्यतः 1 वर्ष (कुछ कोर्स की प्रशिक्षण अवधि 6 एवं 9 माह भी है)।

  • योजना के तहत चयनित युवा को क्या कहा जाएगा?

योजना के तहत चयनित युवा को “छात्र-प्रशिक्षणार्थी” कहा जाएगा।

  • पंजीयन हेतु छात्र-प्रशिक्षणार्थी की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता क्या है?

पंजीयन हेतु छात्र-प्रशिक्षणार्थी की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं अथवा आई॰टी॰आई॰ उत्तीर्ण है।

  • पंजीयन हेतु छात्र-प्रशिक्षणार्थी की आयु सीमा एवं आयु के गणना की निर्धारण तिथि क्या है?

पंजीयन हेतु छात्र-प्रशिक्षणार्थी की आयु सीमा 18 से 29 वर्ष है एवं आयु की गणना 01 जुलाई 2023 से की जाएगी।

  • क्या योजना का लाभ लेने के लिए छात्र-प्रशिक्षणार्थी को मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी होना अनिवार्य है?

हाँ, योजना का लाभ लेने के लिए छात्र-प्रशिक्षणार्थी को मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी होना अनिवार्य है।

  • छात्र-प्रशिक्षणार्थी को प्रशिक्षण के दौरान कुल कितना स्टाइपेण्ड प्राप्त होगा?

छात्र-प्रशिक्षणार्थी को प्रशिक्षण के दौरान रु 8000 से 10000 तक स्टाइपेण्ड प्राप्त होगा।

  • छात्र-प्रशिक्षणार्थी के स्टाइपेण्ड का निर्धारण किस आधार पर किया जाएगा?

छात्र-प्रशिक्षणार्थी का स्टाइपेण्ड कोर्स की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के आधार पर किया जाएगा।

  • मध्यप्रदेश शासन द्वारा छात्र-प्रशिक्षणार्थी को स्टाइपेण्ड का कितना प्रतिशत भुगतान किया जाएगा?

मध्यप्रदेश शासन द्वारा छात्र-प्रशिक्षणार्थी को कोर्स की योग्यता अनुसार निर्धारित स्टाइपेण्ड का 75 प्रतिशत Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से भुगतान किया जायेगा।

  • प्रतिष्ठान द्वारा छात्र-प्रशिक्षणार्थी को स्टाइपेण्ड का कितना प्रतिशत भुगतान किया जाएगा?

प्रतिष्ठान द्वारा छात्र-प्रशिक्षणार्थी को कोर्स की योग्यता अनुसार निर्धारित स्टाइपेण्ड का न्यूनतम 25 प्रतिशत भुगतान किया जायेगा।

  • क्या प्रतिष्ठान छात्र-प्रशिक्षणार्थी को कुल स्टाइपेण्ड के 25 प्रतिशत राशि से अधिक भुगतान कर सकते है?

हाँ, प्रतिष्ठान छात्र-प्रशिक्षणार्थी को स्टाइपेण्ड के 25% राशि से अधिक राशि का भुगतान कर सकते है।

  • क्या प्रतिष्ठान प्रशिक्षण उपरान्त छात्र-प्रशिक्षणार्थी को नियमित रोजगार दे सकते है?

हाँ, प्रतिष्ठान प्रशिक्षण उपरान्त छात्र-प्रशिक्षणार्थी को नियमित रोजगार दे सकते है।

  • क्या प्रतिष्ठान प्रशिक्षण उपरान्त छात्र-प्रशिक्षणार्थी को नियमित रोजगार देने हेतु बाध्य है?

नहीं, प्रतिष्ठान प्रशिक्षण उपरान्त छात्र-प्रशिक्षणार्थी को नियमित रोजगार देने हेतु बाध्य नहीं है।

  • क्या छात्र-प्रशिक्षणार्थी को प्रशिक्षण उपरान्त कोई प्रमाण-पत्र प्रदाय किया जाएगा?

हाँ, सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण होने एवं निर्धारित मूल्यांकन उपरान्त मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड (MPSSDEGB) द्वारा State Council for Vocational Training (SCVT) का प्रमाण-पत्र प्रदाय किया जाएगा।

  • MMSKY योजना में किस प्रकार के प्रतिष्ठान पात्र होंगे?

देश/प्रदेश के ऐसे औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान, जिनके पास PAN और GST पंजीयन है। समस्‍त प्रकार के निजी प्रतिष्ठान यथा- प्रोपराइटरशिप, एचयूएफ, कंपनी, पार्टनरशिप, ट्रस्ट, समिति, आदि योजना अंतर्गत पात्र होंगे।

  • क्या प्रतिष्ठान द्वारा छात्र-प्रशिक्षणार्थी को On-the-Job-Training (OJT) के दौरान आवास एवं भोजन की सुविधा प्रदान करना अनिवार्य है?

नहीं, प्रतिष्ठान द्वारा छात्र-प्रशिक्षणार्थी को On-the-Job-Training (OJT) के दौरान आवास एवं भोजन की सुविधा प्रदान करना अनिवार्य नहीं है। प्रतिष्ठान अपनी स्वेच्छा से छात्र-प्रशिक्षणार्थी को आवास, भोजन एवं अन्य सुविधाएँ दे सकते है।

  • योजना के अंतर्गत 18 से 29 वर्ष के 12वीं, आईटीआई, स्नातक, और स्नातकोत्तर उत्तीर्ण युवा योजना के पात्र होंगे
  • योजना में पात्र युवाओं को ₹8 हजार से ₹10 हजार तक का स्टाइपेंड मिलेगा
  • युवाओं को 703 कार्यक्षेत्रों के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा
  • योजना के माध्यम से इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, सिविल, मैनेजमेंट, मार्केटिंग, सेवा क्षेत्र, होटल मैनेजमेंट, टूरिज्म और ट्रैवल, अस्पताल, रेलवे, आईटी और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट आदि क्षेत्रों में दिया जाएगा उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण।
  • प्रशिक्षण पूर्ण करने के पश्चात संबंधित क्षेत्र में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं युवा, साथ ही स्वयं के उद्यम भी कर सकते हैं स्थापित।

 योजना में प्रतिमाह मिलने वाला स्टाइपेंड :

  • 12वीं उत्तीर्ण को ₹8000
  • आईटीआई उत्तीर्ण को ₹8 हजार 500
  • डिप्लोमा उत्तीर्ण को ₹9000
  • स्नातक उत्तीर्ण या उच्च शैक्षिक योग्यता वालों को ₹10 हजार

योजना में पंजीयन की प्रक्रिया :

  1. पंजीयन योजना के पोर्टल https://mmsky.mp.gov.in/ पर कर सकते है।
  2. इस योजना में पंजीयन करने के लिए समग्र आईडी अनिवार्य है।
  3. समग्र आईडी में पंजीकृत मोबाइल एवं ई-मेल सक्रिय/उपलब्ध होना चाहिए।
  4. समग्र पोर्टल पर आवेदक का आधार ई-केवाईसी किया जाना आवश्यक है। (यहाँ ई-केवाईसी का आशय समग्र पोर्टल पर आधार डाटा का ओटीपी या बायोमेट्रिक के माध्यम से मिलान है)
  5. समग्र आईडी में ई-केवाईसी करवाने एवं चेक करने हेतु समग्र पोर्टल ( https://samagra.gov.in ) पर जाये। समग्र पोर्टल पर ई-केवाईसी के पश्चात स्टेटस अपडेट होने में सामान्यतः 24 घंटे लगते है |
  6. अभ्यर्थी, पंजीयन करने के पश्चात प्राप्त यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन कर अपनी प्रोफाइल पूर्ण करें।
  7. अभ्यर्थी, योजना अंतर्गत पात्रता के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता (12वीं/आईटीआई/डिप्लोमा) की जानकारी दर्ज करें। इसके लिए संबंधित अंकसूची की सॉफ्टकॉपी (अधिकतम आकार: 500KB, प्रकार: केवल पीडीएफ) तैयार रखें।|
  8. बैंक खाता आधार लिंक एवं डीबीटी सक्रिय होना चाहिए। स्टाइपेण्ड आपके आधार लिंक खाते में ही प्राप्त होगा।